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26 हफà¥à¤¤à¥‡ का गरà¥à¤ है- कà¥à¤¯à¤¾ उमà¥à¤®à¥€à¤¦ की जाà¤?
दूसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में, आपके à¤à¤‚टी-नेटल चेक-अप मासिक रूप से किठगठथे, पर अब सà¤à¥€ बदलावों और विकासों की बारीकी से निगरानी करने के लिठचेक-अपà¥à¤¸ की बारंबारता बॠजाà¤à¤—ी।
आपके शरीर में रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ में लगà¤à¤— 25% की वृदà¥à¤§à¤¿ हो जाती है और यह आपके गरà¥à¤ के 35वें हफà¥à¤¤à¥‡ के करीब काफी अधिक हो जाà¤à¤—ी
बà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को कड़ा बनाने में मदद करते हैं और इस हफà¥à¤¤à¥‡ आपको इन संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ नियमित अंतराल पर हो सकता है, ख़ासकर à¤à¥à¤•ने, सेकà¥à¤¸ करने, बैठने के बाद खड़े होने या सीà¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर चà¥à¤¨à¥‡ के बाद आपको इनका अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
कबà¥à¥› से बचने के लिठफाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार लें, खूब सारा पानी पिà¤à¤‚ और नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
यदि आपको चकà¥à¤•र आने जैसा लगता है या बेहोश होने जैसा अनà¥à¤à¤µ होता है, तो बैठजाà¤à¤ और अपने सिर को अपने पैरों के बीच रखें और किसी को अपने पास बà¥à¤²à¤¾à¤à¤ और यदि मदद के लिठआस-पास कोई न हो, तो सामानà¥à¤¯ होने तक आप ज़मीन पर बैठी रहें। इस बात का à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ रखें कि à¤à¤¸à¥€ कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¥‡ ही अनà¥à¤à¤µ से गà¥à¥›à¤°à¤¤à¥€ हैं।
इस हफà¥à¤¤à¥‡ आपके शिशॠमें होने वाले बदलाव
आपका शिशॠअपने हाथ-पैर लंबे करता है पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° समय आपका शिशॠअपने हाथों और पैरों को अपने निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में समेटे रखकर मà¥à¥œà¤¾ हà¥à¤† रहता है।
आपका शिशॠअब अपनी आंखें खोलने लगता है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि अब उसकी पलकें आंखों से जà¥à¥œà¥€ हà¥à¤ˆ नहीं रहती हैं।
शिशॠकी गतिविधियां अब से लेकर गरà¥à¤ के 30 वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक बà¥à¤¤à¥€ रहेंगी
आपके शिशॠकी वृदà¥à¤§à¤¿ लंबाई में होती है और उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे चरà¥à¤¬à¥€ की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बॠरही होती है।
औसतन, जनà¥à¤® के समय शिशॠका वज़न लगà¤à¤— 3.5 kilo होता है।
आपने शायद गौर किया होगा कि आपके शिशॠकी गतिविधियों का à¤à¤• खास पैटरà¥à¤¨ है और वह नियमित अवधियों में सोता और हिलता-डà¥à¤²à¤¤à¤¾ है।
आने वाले हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में, शिशॠकी आà¤à¤–ें à¤à¤ªà¤•ना, खà¥à¤²à¤¨à¤¾ और बंद होना और वह अपने विज़न पर फोकस करना सीखेंगी।
शिशॠका आकार और वज़न जेनेटिकà¥à¤¸ और उसके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त डीà¤à¤¨à¤ पर निरà¥à¤à¤° करता है।
आपको अपने शिशॠकी गतिविधियाठà¤à¤• अधिक-सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से अनà¥à¤à¤µ होंगी, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका शिशॠअब बड़ा हो चà¥à¤•ा होता है और उसके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ जगह नहीं बचती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ उस मातà¥à¤°à¤¾ में नहीं हो रहा होता जितना कि कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‡ पहले हो रहा था।
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अनीमिया (खून की कमी) होना आम बात होती है।
इसलिठà¤à¤²à¥‡ ही आयरन की हलà¥à¤•ी कमी से आपके अंदर पल रहा शिशॠपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं होता, पर यदि इसका उपचार न किया जाठतो यह गंà¤à¥€à¤° हो सकता है, ख़ासकर दूसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में और जनà¥à¤® के समय शिशॠका वज़न कम रहने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है।
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